Thursday, 23 August 2018

छत्तीसगढ़ी बोली म हांसी ठिठोली

छत्तीसगढ़ी बोली म हांसी ठिठोली
एक प्रेमी अपन प्रेमीका ले-
फोकला- झन कर तै नखरा गोरी, लाने हो तोर बर मोंगरा के फुल, तोर बेनी म खोंच ले,
बिशाखा- हव मोर फोकला मे तो खोंच लेहु, पहिली ते रेमट ल पोछ ले,,😂😂😂😂😂😂
फोकला- चुप लबरी नही तो,
बिशाखा- ते हरस लबरा।
फोकला- लबरी तोर मया म मे लबरा होगेव न
             लबरी तोर मया म मे लबरा होगेव न
             सरी मंझनिया तोर अगोरा म, चितकबरा होगेव न
            😆😅😄😃😆😅😄😃😆😅😄😃

Wednesday, 22 August 2018

रामायण भजन संध्या

रामायण भजन संध्या
छत्तीसगढ़ में आज रामायण के गजब अकन चाहिता बड़ गे हे अऊ लोगन मन सब संगीत के रस पान करे बर जुरिया के बड़ आनंद लेथे
एक मंडली जेकर नाम हे पुजा मानस मंडली चिरकों माहासमुन्द
पुजा मानस परिवार चिरको महासमुन्द ए मुरली वाला